maa ki mamata ka khoon kiya fir bhi maaf kar diya


माँ का ह्रदय इतना कोमल होता ये आपको इस कहानी से पता चलेगा इस कहानी को आप पढे जरूर:--


 ये कहानी गीताप्रेस, गोरखपुर प्रकाशन की एक किताब ‘परोपकार और सच्चाई का फल’

माँ का ह्रदय इतना कोमल होता ये आपको इस कहानी से पता चलेगा इस कहानी को आप पढे जरूर क्योंकि ये आपको माँ की सच्ची ममता से जरूर मिलवा देगी ये कहानी जो मैं आपको सुनाने जा रहा हूँ ये मैंने स्वंम तो नही लिखी है ये कहानी गीताप्रेस, गोरखपुर प्रकाशन की एक किताब परोपकार और सच्चाई का फल पुस्तक से प्रेरणा लेकर मैंने लिखी है मै इसके लेखक का नाम तो नही जानता हूँ। यदि जानता तो उनका नाम भी मै जरूर आपको बताता फिर भी हम सब गीताप्रेस, गोरखपुर प्रकाशन और उनके लेखक को बहुत बहुत धन्यबाद करते है
तो आओ दोस्तो अब ये छोटी – सी कहानी सुनाने जा रहा हूँ
एक बार द्रौपदी के पाँचों पुत्रों को सोते समय गुरू द्रोणाचार्य के पुत्र अश्वत्थामा ने मार दिया था तब अश्वत्थामा को अर्जन पकडकर द्रौपदी के सामने ले आये। द्रौपदी ने अश्वत्थामा को देखा और अचानक ही उनका क्रोध शान्त हो गया क्योंकि वह एक माँ थी और माँ के ह्रदय से दया का सागर उमड पडा तब उन्होने कहा आर्य इन्हे क्षमा कर दीजिए
अर्जन – लेकिन ये इन्हे कैसे क्षमा कर दें ये हमारे पुत्रो के हत्यारे है ये दोषी है और ये दण्ड के पात्र है
द्रौपदी – हाँ, मैं जानती हूँ। लेकिन जो दु:ख इन्होने मुझे दिया है वही दु:ख मैं इनकी माता को नही देना चाहती हूँ और बैसे भी उनके पिता आपके गुरू हैं और इनकी माता आपकी गुरू माता तो भला एक माँ दूसरी माँ को वेऔलाद कैसे कर सकती है
और इस तरह पाण्डवो ने अश्वत्थामा को क्षमा कर दिया और अश्वत्थामा लज्जित होकर वहाँ से चले गये
तो देखा दोस्तो आपने ऐसी होती है ये माँ की ममता बैसे तो शब्द कम पढ जायेगे माँ की ममता का वर्णन करने के लिए
तो अगर ये कहानी आपको अच्छी लगे तो जरूर बतायें और ऐसी कहानी मै आपके लिए लेकर आता रहूँगा।
धन्यबाद
मेरा facebook page like करना ना भूले
Previous
Next Post »

1.अपना comment आप हमें यहाँ करो।
2.आप गलत शब्दों का use ना करें हमें खुशी होगी।
3.आपके सबाल का जबाब आपको 24 घण्टे में मिल जायेगा। आपके email पर एक notification भी भेज दिया जायेग।
ConversionConversion EmoticonEmoticon